छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात
छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के Chhindwara जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौंसर नागपुर मार्ग पर स्थित सतनूर के पास नेशनल हाईवे 547 पर आरटीओ बैरियर के नजदीक एक तेज रफ्तार ट्रक ने पति पत्नी को कुचल दिया जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए और देखते ही देखते गुस्से की लहर फैल गई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आरटीओ की सख्ती और अव्यवस्थित कार्रवाई के कारण आए दिन सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैरियर के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने से हादसों का खतरा बना रहता है।
दंपति की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे 547 पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि भीड़ ने आरटीओ के एक वाहन में तोड़फोड़ भी कर दी। हालात ऐसे बन गए कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
मौके पर शुरुआती दौर में केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद थे जो बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ नजर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारी और कथित दलाल मौके से गायब हो गए जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। भीड़ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही।
लोगों का कहना है कि यदि बैरियर पर व्यवस्था दुरुस्त होती और यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरटीओ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
करीब तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। आश्वासन दिया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे धीरे जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गया बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।
