Iran–Israel war: खामेनेई की मौत के बाद अब ईरान को मिला नया कमांडर इन चीफ
-
जानें कौन है अहमद वाहिदी

Iran–Israel war: इजरायल, अमेरिका और ईरान की जंग ने अब एक भयानक मोड़ ले लिया है। इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई समेत कई बड़े नेता और कमांडरों की मौत हो गई है। देखा जाए तो ईरान इस समय इतिहास के सबसे बूरे दौर से गुजर रहा है। इजरायल और अमेरिका के साथ में मिलकर हमले करने के चलते ईरानी सेना स्थिति पर काबू पाने में असफल होती दिखाई दे रही है। लेकिन सुप्रीम लीडर की मौत के बावजूद ईरान अमेरिका के सामने झुकने को तैयार नहीं है। जंग को जारी रखने के लिए अब ईरान की कमान अहमद वाहिदी के हाथों में सौंप दी गई है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने वाहिदी को अपना नया कमांडर इन चीफ घोषित कर दिया है।
IRGC ने की घोषणा
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य इकाई मानी जाती है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा से लेकर बाहरी सैन्य अभियानों तक अहम भूमिका निभाती है। वाहिदी से पहले मोहम्मद पकपोर ईरान के कमांडर इन चीफ का पद संभाल रहे थे। शनिवार सुबह इजरायल और ईरान द्वारा किए गए हमलों में पकपोर की मौत हो गई।
वाहिदी: रक्षा मंत्री और गृह मंत्री रह चुका है
मोहम्मद पकपोर की मौत के बाद संगठन के शीर्ष नेतृत्व में तुरंत बदलाव की जरूरत महसूस की गई। ऐसे समय में अहमद वाहीदी की नियुक्ति को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। अहमद वाहीदी, जिनका वास्तविक नाम वाहीद शाहचेराघी बताया जाता है, IRGC के संस्थापक सदस्यों में से एक रहा है।
Brigadier General Ahmad Vahidi has been appointed the new Commander-in-Chief of Iran's Islamic Revolutionary Guard Corps. pic.twitter.com/w1AyevsDUK
— Clash Report (@clashreport) March 1, 2026
दिसंबर 2025 में उसे डिप्टी कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह रक्षा मंत्री और गृह मंत्री जैसे अहम पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। इसी के चलते उनका प्रशासनिक और सैन्य अनुभव को मजबूत माना जा रहा है।
वाहिदी: कुद्स फोर्स का भी नेतृत्व कर चुका है
वाहीदी ने कुद्स फोर्स का भी नेतृत्व किया है, जो IRGC की बाहरी ऑपरेशन शाखा मानी जाती है और क्षेत्रीय सैन्य नेटवर्क की देखरेख करती है। उन्हें ईरान की असममित युद्ध नीति और क्षेत्रीय गठबंधनों की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला अधिकारी माना जाता है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब ईरान को अपने सैन्य ढांचे को पुनर्गठित करने और संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारी करनी है।
ईरान: 40 दिन का शोक
US और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अयातुल्ला खामेनेई की मौत ने ईरान की राजनीतिक दिशा को भी अनिश्चित बना दिया है। 40 दिन के शोक काल के दौरान देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अहमद वहीदी के नेतृत्व में IRGC की भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आने वाले दिनों में ईरान की सैन्य रणनीति और क्षेत्रीय समीकरण किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है।
