March 8, 2026

भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती

0

भोपाल । भोपाल के कलियासोत डैम के किनारे अवैध रूप से स्थापित डेयरियों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तहत टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व, नगर निगम और पुलिस की टीम ने जेसीबी की मदद से 9 अवैध डेयरियों को तोड़कर हटाया। यह कार्रवाई डैम के सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों की उल्लंघना के चलते की गई।

सिरपुर गांव के कलियासोत डैम किनारे कुल 18 अवैध डेयरियां बनी हुई थीं, जिनमें पशु पालन और दुग्ध उत्पादन भी किया जा रहा था। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान डेयरियों के मालिकों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई जारी रखी। जेसीबी मशीनों की मदद से एक-एक करके डेयरियां हटाई गईं, जिससे आसपास का क्षेत्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो गया।

तहसीलदार कुणाल राउत ने बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार सिरपुर गांव में कुल 18 अवैध डेयरियों में से 9 को हटाया गया है और बाकी 9 डेयरियों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल के बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। इस क्षेत्र में अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आए हैं, जिनमें कुछ रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं।

इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल प्रशासन और एनजीटी किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण के प्रति सख्ती से कदम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और डेयरियों के मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कानून के उल्लंघन पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि डैम के आसपास पर्यावरण और जल सुरक्षा को बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए आने वाले समय में भी ऐसे किसी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सारांश यह है कि भोपाल में कलियासोत डैम के किनारे अवैध डेयरियों के खिलाफ एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 9 डेयरियों को हटाया, और बाकी पर भी जल्द ही सख्ती की जाएगी। इस कदम से डैम के आसपास पर्यावरणीय सुरक्षा और कानून की नीतियों का पालन सुनिश्चित होगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *