March 8, 2026

पुलिस एबीवीपी झड़प: छतरपुर की काया विधि महाविद्यालय में धांधली के आरोप पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठा

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छतरपुर । मध्य प्रदेश के छतरपुर कन्या विधि महाविद्यालय परिसर में सोमवार दोपहर को माहौल गरम हो गया जब महाविद्यालय में कथित धांधली के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने पहुंचे और उनसे पहले से मौजूद पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हो गई। मामला प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच सीधे टकराव का रूप ले लिया जिससे परिसर में अफरातफरी और नारेबाजी का सीन बन गया।

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता और महिला छात्राओं का आरोप है कि महाविद्यालय में चल रही अनियमितताओं के पीछे प्राचार्य एचडी अहिरवार का हाथ है। उनका कहना था कि प्राचार्य के खिलाफ एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें वह कमीशन लेने के आरोपों से घिरे हैं और इसी के विरोध में उन्होंने प्राचार्य के तत्काल निलंबन की मांग करते हुए ज्ञापन देने का प्रयास किया।

जब विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के लिए आगे बढ़े तब पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिये प्रतिक्रिया दी। इस दौरान双方 बौद्धिक बहस के बजाय धक्का मुक्की और नारे लगने लगे जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शनकारी महिलाएँ और कार्यकर्ता दोनों ही पुलिस से कोई समझौता न होने पर और अधिक आक्रोशित दिखे।

प्रदर्शनकारी समूह ने कहा कि महाविद्यालय में केवल एक ऑडियो वायरल होना ही पर्याप्त नहीं बल्कि कई अनियमितताएँ समय से चली आ रही हैं जिनके समाधान के लिए प्रशासन निष्क्रिय रहा। इसी निष्क्रियता के चलते विरोध प्रदर्शन तेज हुआ और पुलिस ने कुछ समय के लिये कार्यकर्ताओं को भगाने की कोशिश की। इस दौरान कदाचार से बचने के लिए पुलिस बल ने कुछ छात्रों और कार्यकर्ताओं को पकड़ने का प्रयास भी किया जिससे वातावरण तनावपूर्ण बन गया।

घटना के बाद स्थानीय छात्रों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि उनके हलके की नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन को और आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि पुलिस और महाविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

विश्लेषकों का कहना है कि विद्यार्थी परिषद जैसे छात्र संगठनों द्वारा अभाविप नेताओं के नेतृत्व में इस प्रकार के प्रदर्शनों के बढ़ते स्वर से शिक्षा संस्थानों में प्रशासन छात्र संपर्क और मानक संचालन प्रक्रियाओं के प्रति गंभीरता की आवश्यकता जताई जा रही है। अशांति को काबू में रखने के लिये पुलिस का कड़ा रुख और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिये चुनौती बन सकता है।

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