March 9, 2026

Mahashivratri 2026: दिल्ली का वो चमत्कारी शिवधाम, जहां एक साथ होते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन!

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दिल्लीः महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अगर आप दिल्ली में रहकर देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना चाहते हैं, तो चांदनी चौक स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर आपके लिए सबसे खास जगह बन सकता है. इस ऐतिहासिक शिवालय में श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूपों के दर्शन का दुर्लभ अवसर मिलता है. महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भक्तों का मेला लगता है. मेट्रो स्टेशन से लेकर मंदिर परिसर तक पैर रखने तक की जगह नहीं होती है. मंदिर को फूलों, बेलपत्र और रोशनी से सजाया जाता है. सुबह से ही जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष आरती का सिलसिला शुरू हो जाता है. देर रात तक ॐ नमः शिवाय और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा चांदनी चौक इलाका शिवमय हो उठता है.

एक ही परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
मंदिर परिसर में सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर इन सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन विधि-विधान के साथ कराए जाते हैं. खास बात यह है कि हर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी मान्यताओं और कथाओं को भी यहां विस्तार से बताया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक अनुभव और गहरा हो जाता है.

मंदिर का स्थान और स्थापना
मंदिर के पुजारी सुशील शुक्ला जी ने बताया कि इस विशेष 12 ज्योतिर्लिंग की स्थापना 27 जुलाई 2024 को की गई थी. उन्होंने बताया कि देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा हर भक्त के लिए संभव नहीं हो पाती, ऐसे में यह मंदिर श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर महादेव के सभी ज्योतिर्लिंग स्वरूपों के दर्शन का अवसर देता है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भारत के विभिन्न ज्योतिर्लिंग स्थलों से लाए गए शिवलिंग विधि-विधान के साथ स्थापित किए गए हैं. जिससे भक्तों को वास्तविक तीर्थ दर्शन जैसा अनुभव मिलता है.इतना ही नहीं है अब मंदिर में 1 जनवरी 2026 से भस्म आरती भी स्टार्ट हो गई है. जहां पर बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती की जाती है, आरती प्रत्येक सोमवार को सुबह 6:00 होती है.

दर्शन का समय और सुरक्षा व्यवस्था
गौरी शंकर मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह 4:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और इसके बाद शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक मंदिर में दर्शन कर सकते हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं.मंदिर में हर तरफ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है. दर्शन के लिए बनाए गए बेसमेंट हिस्से में एयर कंडीशनिंग की सुविधा उपलब्ध है, वहीं भव्य झूमरों और आकर्षक सजावट से मंदिर की भव्यता और भी बढ़ जाती है.

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