नैनीताल गुलजार: पर्यटन स्थलों सहित मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
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लोकल इकोनॉमी को मिल रहा बूस्ट

नैनीताल। उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल जिले में अब पर्यटन सीजन के साथ धार्मिक पर्यटन ने भी रफ्तार पकड़ ली है। इसके चलते कैंची धाम, नैना देवी, घोड़ाखाल व अल्मोड़ा के जागेश्वर सहित कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इससे न केवल शहर व जिले की रौनक बढ़ी है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी बूस्ट आया है।
धार्मिक पर्यटन की बढ़ती आमद से होटल, टैक्सी, रेस्तरां, दुकानदार और स्थानीय रोजगार को सीधा लाभ मिल रहा है। कुल मिलाकर कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज हुई हैं। सरकार की मानसखंड योजना के तहत प्रमुख मंदिरों के विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिला है।
इसे लेकर होटल एसोसिएशन के महासचिव वेद साह का कहना है कि आजादी के बाद क्षेत्र में होटल उद्योग का विस्तार हुआ। पर्यटकों की संख्या बढ़ी और धीरे-धीरे सालभर पर्यटन का चलन विकसित हुआ। बीते कुछ वर्षों में खासतौर पर कैंची धाम और जागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।अब दर्शन के साथ-साथ पर्यटक नैनीताल के विभिन्न स्थलों जैसे ह्रल्द्वानी, भीमताल के अलावा रामगढ़ और मुक्तेश्वर जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंच रहे हैं।
नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन में लगातार इजाफा हो रहा है। कैंची धाम, जागेश्वर और घोड़ाखाल गोल्ज्यू मंदिर में इन दिनों काफी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सरकार इसे देखते हुए सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दे रही है। इसके साथ ही बाइपास मार्गों से आवागमन को आसान बनाया गया है, जिससे ट्रैफिक दबाव कम हो और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सके।
– अतुल भंडारी , जिला पर्यटन अधिकारी
