March 8, 2026

मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट

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नई दिल्ली।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (New western disturbance) के प्रभाव की चेतावनी जारी की है, जो 30 जनवरी की रात से प्रभावी हो सकता है। इसके अलावा, 2 फरवरी से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके कारण 31 जनवरी से 3 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (Western Himalayan Region) में छिटपुट से भारी बारिश/बर्फबारी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऐसा ही मौसम रहेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में 1-2 फरवरी को गरज-चमक, बिजली के साथ बारिश/बर्फबारी हो सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मध्य प्रदेश में 1-2 फरवरी, छत्तीसगढ़ में 2 फरवरी को हल्की बारिश संभव है। उत्तराखंड में 30 जनवरी को पाला पड़ने की स्थिति बनी रह सकती है।

न्यूनतम तापमान में बदलाव की भविष्यवाणी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और फिर दो दिनों में 2-4 डिग्री की गिरावट संभावित है। मध्य भारत में अगले 24 घंटों में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर दो दिनों में गिरावट और उसके बाद स्थिरता रहेगी। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी और गुजरात में अगले दो दिनों में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर तीन दिनों में गिरावट और बाद में फिर बढ़ोतरी का अनुमान है। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।


घने कोहरे की मार से अभी राहत नहीं

घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी जारी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक सुबह-रात के समय घना कोहरा रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। 30-31 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में शीतलहर चल सकती है। मछुआरों को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी (दक्षिण तमिलनाडु, पश्चिमी श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र) और अरब सागर (गुजरात तट के पास) में न जाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सर्दी फिर से जोर पकड़ सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

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