March 8, 2026

खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा

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खंडवा । खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 40 वर्षीय भील समाज की महिला को डरा-धमकाकर और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने का भय दिखाकर पिछले दो महीनों से लगातार अपनी हवस का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वारदात का घटनाक्रम: असीरगढ़ से बोरगांव तक दरिंदगी
पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी तसलीम खां (निवासी: खिराला) ने पिछले दो महीनों से महिला का जीवन नर्क बना रखा था
दिसंबर 2025 आरोपी महिला को अपनी ईको कार में बैठाकर असीरगढ़ के जंगलों में ले गया। वहां जान से मारने की धमकी देकर पहली बार दुष्कर्म किया और चुपके से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
ब्लैकमेलिंग का दौर: इन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला को सुक्ता डेम के जंगलों में ले जाकर कई बार शारीरिक शोषण किया।
23 जनवरी 2026 हैवानियत की हद तब पार हो गई जब आरोपी उसे बोरगांव स्थित एक चिप्स फैक्ट्री के पीछे ले गया और वहां फिर से दुष्कर्म किया।
बेटे के साथ मारपीट और खुलासा
लगातार हो रहे शोषण से टूट चुकी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटे को आपबीती सुनाई। जब बेटे ने अपनी मां के सम्मान की रक्षा के लिए आरोपी से तस्वीरों के बारे में सवाल किया, तो तसलीम खां ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि उसके साथ बर्बरता से मारपीट भी की।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: इन धाराओं में फंसा आरोपी
पंधाना टीआई दिलीप देवड़ा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई। चूंकि आरोपी जानता था कि महिला अनुसूचित जनजाति (ST) से है, इसलिए केस को और अधिक गंभीरता से लिया गया है।

दर्ज की गई मुख्य धाराएं
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 64(1), 64(2)(M) दुष्कर्म और गंभीर प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता (BNS) 115(2), 296(B), 351(3) मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी एट्रोसिटी एक्ट SC/ST अधिनियम जातिगत आधार पर उत्पीड़न पुलिस ने आरोपी तसलीम खां को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता की काउंसलिंग व मेडिकल जांच कराई गई है।एक जागरूक नागरिक के तौर पर: अगर आपके आसपास ऐसी कोई भी घटना घटित हो रही है, तो चुप न रहें। पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत सूचना दें।
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