March 8, 2026

सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ

0
24-21-1769255680

झारखंड । झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित एशिया के सबसे घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत 47 घंटों तक चली इस भीषण मुठभेड़ में 13 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है। मारे गए इन नक्सलियों पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम घोषित था। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमडीह और बहादा जंगल में चली इस गोलीबारी ने नक्सली संगठन की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार आईईडी और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

ऑपरेशन मेगाबुरु की बड़ी सफलताएं

सुरक्षाबलों के लिए यह जीत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठन के कई बड़े चेहरे खत्म हो गए हैं रापा मुंडा 35 लाख का इनामी जोनल कमांडर रापा मुंडा इस मुठभेड़ का सबसे बड़ा शिकार बना। वह अप्रैल 2025 में हुए उस घातक आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था जिसमें झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। मुवति होनहांगा 2 लाख की इनामी इस महिला नक्सली को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। बड़ी बरामदगी मुठभेड़ स्थल से एके-47 इंसास राइफलें और भारी मात्रा में बारूद बरामद हुआ है।

दहशत के बीच भारी नाकेबंदी

मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि इसका असर आसपास के गांवों में साफ देखा जा रहा है घरों में कैद ग्रामीण फायरिंग की गूंज से डरे हुए लगभग 20 परिवार अपने घरों में सिमटे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स घने जंगलों से नक्सलियों के शव बाहर निकालने के लिए प्रशासन को 6 ट्रैक्टरों और सुरक्षा के लिए 8 मजिस्ट्रेटों की तैनाती करनी पड़ी। सील इलाका: कुमडीह और सेडल नाका सहित पूरे इलाके को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने चारों तरफ से सील कर दिया है।

सर्च ऑपरेशन अब भी जारी

हालांकि मुख्य मुठभेड़ थम गई है, लेकिन ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ अभी खत्म नहीं हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि घने बीहड़ों और गुफाओं में कुछ और हार्डकोर नक्सली छिपे हो सकते हैं। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है ताकि कोई भी अपराधी घेराबंदी तोड़कर ओडिशा की सीमा में न भाग सके।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *