March 9, 2026

BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

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नई दिल्ली। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में मेयर पद को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया के जरिए यह तय किया गया कि बीएमसी मेयर की कुर्सी सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होगी। जैसे ही यह फैसला सामने आया, मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो गई। सभी दलों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि देश की सबसे अमीर नगर निगम की कमान किस महिला नेता को मिलेगी।

बीजेपी सबसे मजबूत दावेदार

आरक्षण की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार बीएमसी मेयर की कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा हो सकता है। नगर निगम चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। ऐसे में पार्टी की ओर से महिला मेयर उम्मीदवार तय करने की कवायद तेज हो गई है।

तेजस्वी घोसालकर का नाम सबसे आगे

बीजेपी खेमे में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तेजस्वी घोसालकर। उन्होंने वार्ड नंबर 2 से जीत दर्ज की है और फिलहाल मेयर पद की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। तेजस्वी का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय रहा है। वह पहले उद्धव ठाकरे गुट से जुड़ी थीं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुईं और जीत हासिल कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता।

तेजस्वी घोसालकर, पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं। फरवरी 2024 में अभिषेक घोसालकर की फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया था। इस दुखद घटना के बावजूद तेजस्वी ने राजनीतिक मैदान में मजबूती से कदम रखा और खुद को एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया।

तेजस्वी घोसालकर का राजनीतिक सफर

तेजस्वी घोसालकर ने 2017 में अविभाजित शिवसेना के टिकट पर बीएमसी के वार्ड नंबर 1 से चुनाव जीतकर नगर राजनीति में प्रवेश किया था। समय के साथ राजनीतिक हालात बदले और दिसंबर 2025 में उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद हुए चुनाव में उन्होंने उद्धव गुट की उम्मीदवार धनश्री कोलगे को हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर ली।

संख्याबल के दम पर बीजेपी आगे

बीएमसी में मौजूदा गणित पर नजर डालें तो बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा हैं। ऐसे में गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है।

हालांकि दिलचस्प यह है कि विपक्ष में बैठी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने 65 सीटें जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बीजेपी का संख्याबल सबसे ज्यादा होने के कारण मेयर पद पर उसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

अब निगाहें अंतिम फैसले पर

महिला आरक्षण तय होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी किस नाम पर अंतिम मुहर लगाती है। तेजस्वी घोसालकर फिलहाल सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन राजनीति में आखिरी फैसला वक्त और रणनीति तय करती है। बीएमसी मेयर की कुर्सी को लेकर आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और तेज होने के आसार हैं।

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