March 8, 2026

ओडिशा ने लगाया तंबाकू पर बैन का सबसे सख्त आदेश: बीड़ी, गुटखा, सिगरेट, खैनी, जर्दा समेत सभी उत्पादों पर रोक

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नई दिल्ली। ओडिशा सरकार ने 22 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य ने तंबाकू से बने सभी उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले के तहत बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, जर्दा, पान मसाला सहित सभी प्रकार के ओरल (मुंह से सेवन होने वाले) तंबाकू उत्पाद अब राज्य में बैन होंगे। केवल सेवन ही नहीं, बल्कि इन उत्पादों का निर्माण, पैकेजिंग, स्टॉकिंग, वितरण और बिक्री भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।
कौन-कौन से उत्पाद बैन में शामिल हैं?
ओडिशा सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि निम्नलिखित उत्पाद पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे:
गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी
फ्लेवर्ड, सेंटेड या एडिटिव्स वाले चबाने वाले प्रोडक्ट
पैकेज्ड और अनपैकेज्ड दोनों प्रकार के तंबाकू उत्पाद
अलग-अलग पैकेट में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट जो मिलाकर उपयोग होते हैं
कोई भी फूड प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो

क्यों किया गया यह बैन?
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि गुटखा, खैनी, जर्दा और अन्य तंबाकू उत्पाद कैंसर का प्रमुख कारण हैं। WHO और IARC ने इन्हें कैंसरजनक घोषित किया है।

ओडिशा में 42% से अधिक वयस्क स्मोकलेस तंबाकू का उपयोग करते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या मानकर कड़े कदम उठाए हैं।

कानूनी आधार और सख्ती
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और FSSAI के नियमों के अनुरूप लिया गया है। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट ने इस प्रतिबंध की अधिसूचना जारी की है और इसे कानूनी रूप से मजबूत बताया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि यह बैन सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से जुड़ा होने के कारण अधिक सख्त रूप में लागू होगा।

सरकार का संदेश
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे इस नियम का पालन करें और तंबाकू-मुक्त ओडिशा बनाने में सहयोग करें। यह कदम राज्य में कैंसर, मुंह और गले की बीमारियों तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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