March 9, 2026

शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद

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जबलपुर । प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को रोके जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस घटना के विरोध में आज जबलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। क्या है पूरा विवाद? बीते 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने परंपरागत राजसी स्नान शाही स्नान के लिए रथ पर सवार होकर संगम तट की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनके रथ को रोक दिया। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस अपमान से आहत होकर शंकराचार्य ने संगम स्नान करने से इनकार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का हमला: हिंदू आस्था और सनातन परंपरा पर प्रहार जबलपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को साधु-संतों का घोर अपमान बताया। कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा “एक तरफ भाजपा खुद को सनातन की रक्षक बताती है वहीं दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च धर्मगुरुओं में से एक शंकराचार्य जी को उनके संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। योगी सरकार का यह व्यवहार अक्षम्य है।

कांग्रेस पार्षद संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या जैसे पवित्र दिन पर संतों को रोकना और उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी करना हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में माफी नहीं मांगी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे। जबलपुर की सड़कों पर आज भारी गहमागहमी देखी गई और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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