March 9, 2026

प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

0
dk-1768377529

नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार ने राज्य में सत्ता संघर्ष के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अहम पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “प्रयास भले ही विफल हो जाये, लेकिन प्रार्थना विफल नहीं होती।” इस पोस्ट को राजनीतिक जानकार सियासी संदेश के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं और यह पोस्ट उनके इंतजार और उम्मीद की झलक देती है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान

कर्नाटक में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान लगातार जारी है। वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार दोनों ही पार्टी आलाकमान के फैसले के इंतजार में हैं। सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि पार्टी आलाकमान ही अंतिम निर्णय करेगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे सियासी संतुलन और फासलों को कम करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

राहुल गांधी से हुई अहम मुलाकात

राज्य में चल रही सियासी चर्चाओं के बीच मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मैसुरु एयरपोर्ट पर DK शिवकुमार और CM सिद्धारमैया से अलग-अलग मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से राजनीतिक स्थिति और संभावित बदलाव पर चर्चा की। इस मुलाकात को सियासी अटकलों के बीच निर्णायक कदम माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट का राजनीतिक महत्व

DK शिवकुमार का ट्वीट सिर्फ एक उद्धरण नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि वह मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्ट अपने समर्थकों को उत्साहित करने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए भी किया गया है।

सिद्धारमैया ने सियासी अटकलों को खारिज किया

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के निर्णय का सभी नेता पालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलाभकारी बदलावों और सत्ता फेरबदल की चर्चा केवल अफवाहें हैं। हालांकि, राहुल गांधी से हुई मुलाकात और DK शिवकुमार का ट्वीट इसे राजनीतिक मोड़ और भविष्य के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में जारी सत्ता संघर्ष और सियासी खींचतान के बीच DK शिवकुमार का ट्वीट और राहुल गांधी से मुलाकात ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पोस्ट और निजी चर्चा से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में सत्ता संरचना पर अभी भी निर्णायक फैसले बाकी हैं, और पार्टी आलाकमान की भूमिका इस समय सबसे अहम बनी हुई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *