March 8, 2026

दिल्ली में बुजुर्ग NRI दंपति से डिजिटल ठगी: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 14 करोड़ रुपये की ठगी

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नई दिल्ली । डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें बुजुर्ग NRI दंपति को 18 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगी का शिकार बनाया गया। यह मामला साइबर ठगी की गंभीरता को सामने लाता है। पीड़िता इंद्रा तनेजा और उनके पति ओम तनेजा ने बताया कि उन्हें 24 दिसंबर 2025 को खुद को TRAI अधिकारी बताने वाले ठग का फोन आया। कॉलर ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आपत्तिजनक कॉल्स और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है।ठगों ने दंपति को डराने के लिए लगातार दबाव बनाया और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। इसके चलते 77 वर्षीय महिला ने 8 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 14 करोड़ रुपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। कॉलर ने हर बार नए बहाने और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए, जिससे दंपति मानसिक रूप से दबाव में रहे और उन्होंने ठगों की मांगें मान ली।

पीड़ित दंपति के अनुसार, वे 2015-16 में अमेरिका से रिटायर होकर भारत लौटे थे और समाज सेवा में जुड़े हुए हैं। उनके खातों में इतनी बड़ी राशि का अचानक ट्रांसफर होना, ठगों की योजनाबद्ध साजिश को उजागर करता है। इंद्रा तनेजा ने बताया कि ठगों ने उन्हें बार-बार फोन कर धमकाया और कानून का हवाला देते हुए डराया।10 जनवरी 2026 (शनिवार) को पीड़ित दंपति ने दक्षिण दिल्ली जिले के सीआर पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया। दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि किस तरह ठगों ने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर दंपति को निशाना बनाया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की साइबर ठगी के मामले डिजिटल अरेस्ट और सरकारी पदों का डर दिखाकर किए जाते हैं, जिससे पीड़ित मानसिक दबाव में आकर बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा अधिकारी लगातार इस प्रकार के मामलों को रोकने और आम लोगों को सतर्क करने के लिए अभियान चला रहे हैं।दिल्ली पुलिस ने दंपति को सलाह दी है कि वे अपने बैंक खाते और ट्रांजेक्शन के विवरण को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध कॉल पर विश्वास न करें। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल ठगी सिर्फ तकनीकी मामलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानसिक दबाव और डर के जरिये भी बड़े आर्थिक नुकसान कर सकती है।

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