March 10, 2026

रीवा में युवक की सात साल की चोटी उखाड़ी गई, आरोप- ‘तुम यादव हो’ कहकर की गई मारपीट; पुलिस कर रही जांच

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रीवा । रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें रोहित यादव ने आरोप लगाया है कि ब्राह्मण युवक दीपक पांडेय ने सात साल से रखी गई उसकी चोटी उखाड़ दी। रोहित ने बताया कि दीपक ने उसे पीटा, गालियां दी और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया। रोहित ने यह भी कहा कि घटना के दौरान आरोपी ने धमकी दी कि आज चोटी रखोगे, कल कथा करने जाओगे।

रोहित ने पुलिस को बताया कि यह चोटी सनातन धर्म और हनुमान जी की उपासना के लिए रखी गई थी।

घटना के बाद रोहित ने किसी तरह थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। लेकिन थाने में उसे आश्चर्यजनक उत्तर मिला, जब मुंशी ने कहा कि चोटी को डस्टबिन में डाल दो। रोहित ने इसका विरोध किया और चोटी को अपने पास सुरक्षित रखा, ताकि यह प्रमाण के रूप में सुरक्षित रहे।

पीड़ित रोहित यादव ने बताया कि वह सीवर लाइन प्रोजेक्ट में ड्राइवर और हेल्पर के रूप में काम करता है। घटना उस समय हुई जब वह सड़क किनारे मशीन के लिए पेट्रोल निकाल रहा था। तभी दीपक पांडेय पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। आरोपी ने रोहित पर हाथ उठाया, उसे जमीन पर पटक दिया और पूरी ताकत से उसकी चोटी खींच दी।

रोहित के अनुसार आरोपी ने कहा कि वह डॉक्टर और पुलिस सबको मैनेज कर लेगा। उसने धमकी दी कि अगर थाने जाने की हिम्मत की तो आगे और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। पीड़ित का कहना है कि आरोपी लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है और डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है।

घटना के बाद रोहित ने सुरक्षा के चलते अपना काम मझिगवां गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर क्योंटी गांव में शिफ्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल वहीं काम शुरू कर दिया गया है और मझिगवां का काम बाद में पूरा किया जाएगा।

मझिगवां गांव के सरपंच राहुल सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि यह कृत्य पूरे गांव को शर्मसार कर देने वाला है। उन्होंने आरोपी और उसके परिजनों को चेतावनी दी कि इस तरह की हरकत दोबारा न करें, अन्यथा उन्हें बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा। सरपंच ने पुलिस से भी सख्त कार्रवाई की मांग की।

बैकुंठपुर थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा ने बताया कि चोटी उखाड़ने से जुड़े आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

आरोपी दीपक पांडेय के खिलाफ रोहित ने आवेदन दिया है और पुलिस सभी तथ्यों की विवेचना कर रही है।

घटना ने ग्रामीणों में आक्रोश और सुरक्षा की चिंता पैदा कर दी है। रोहित ने बताया कि वह डरता है कि कहीं कभी और हमला न हो जाए। इस घटना ने यह भी उजागर किया कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे लोग अपनी हरकतों को दोहराने से नहीं चूकेंगे।

यह मामला रीवा जिले में जाति आधारित विवाद, मारपीट और आस्था के प्रतीक पर हमला का उदाहरण बन गया है। पीड़ित का कहना है कि चोटी सिर्फ बाल नहीं, बल्कि उसकी आस्था और सनातन धर्म का प्रतीक है, जिसे उखाड़ने से उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

पुलिस की जांच जारी है और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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