March 10, 2026

महानगर पालिका चुनावों से पहले महायुति को मिली बढ़त 66 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए

0
3-13-1767434195

नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आगामी महानगरपालिका चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को बड़ी बढ़त मिली है। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद महायुति के 66 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। वहीं अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के दो उम्मीदवारों को भी निर्विरोध जीत मिली है।महानगरपालिका चुनावों में अब तक की स्थिति यह रही कि विपक्षी दलों और गठबंधनों के उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है जिससे कुल 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इनमें से 66 भाजपा और शिवसेना गठबंधन से हैं जबकि एनसीपी के दो उम्मीदवार भी निर्विरोध विजयी हुए हैं।

प्रमुख क्षेत्रों में महायुति की बढ़त

मुंबई महानगर क्षेत्र एमएमआर में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में महायुति के सबसे अधिक 21 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए जिनमें से 15 भाजपा और 6 शिवसेना के थे। उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भी भाजपा और शिवसेना ने समान सफलता हासिल की जहां दोनों दलों के छह-छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।

पनवेल और भिवंडी में महायुति की मजबूत पकड़

पनवेल में भाजपा ने सात उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत दिलाई है जबकि भिवंडी में जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP का प्रभाव रहा है भाजपा के छह उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए।

धुले और अहिल्यानगर में परिणाम

धुले जिले में भाजपा के तीन उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। अहिल्यानगर में निर्विरोध चुनावों में एनसीपी को दो सीटें मिलीं जबकि भाजपा ने एक सीट पर विजय प्राप्त की।ठाणे में शिवसेना की सफलताएं और राज ठाकरे का विरोध ठाणे जिले में जहां सत्तारूढ़ महायुति के बीच राजनीतिक मतभेद थे शिवसेना ने छह सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। हालांकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना MNS ने इन निर्विरोध चुनावों को लेकर आपत्ति जताई है और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

राजनीतिक विश्लेषक की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हाल ही में संपन्न नगर परिषद चुनावों में महायुति के क्लीन स्वीप के बाद इन निर्विरोध जीतों से राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन को मनोवैज्ञानिक बढ़त और नई ऊर्जा मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार निर्विरोध जीत के चलते महायुति को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और वे उन क्षेत्रों में भी पूरी ताकत से प्रचार कर सकेंगे जहां सीधा चुनावी मुकाबला बाकी है।महाराष्ट्र में बीएमसी समेत अन्य महानगरपालिका चुनावों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *