फोकट सवाल पर बवाल: पत्रकार से बदसलूकी पर घिरे विजयवर्गीय, जीतू पटवारी ने मांगा इस्तीफा
पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण मासूम बच्चों समेत कई लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि पहले 25 बच्चों की मौत हुई, अब 13 और लोगों की जान चली गई, लेकिन आज तक किसी दोषी को सजा नहीं मिली।
कांग्रेस ने इस मामले की जांच के लिए दो पूर्व मंत्रियों के नेतृत्व में एक टीम गठित की है। पटवारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले और घायलों को बेहतर व निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए।
इस बीच कांग्रेस के पूर्व सांसद उदित राज ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में गलती मानने की बजाय चोरी और सीनाजोरी की जाती है। हर घटना का ठीकरा विपक्ष या पुराने नेताओं पर फोड़ दिया जाता है। उन्होंने देशभर में बढ़ती हिंसा और कथित घोटालों का जिक्र करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम इंदौर पहुंचे और अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि ऐसी कष्टदायक स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
दरअसल, बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब एक रिपोर्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज खर्च के रिफंड को लेकर सवाल किया, तो मंत्री ने कहा, फोकट सवाल मत पूछो। रिपोर्टर के विरोध करने पर विजयवर्गीय ने आपा खोते हुए अपशब्द कह दिए। हालांकि बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने शब्दों को लेकर खेद भी जताया, लेकिन तब तक यह मामला सियासी और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका था।
