Year Ender 2025: धामी सरकार के यूसीसी, राष्ट्रीय खेल, ऑपरेशन कालनेमि जैसे कई फैसलों ने बटोरीं सुर्खियां

उत्तराखंड की धामी सरकार के कई फैसले साल 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में रहे। विशेषकर समान नागरिक संहिता से लेकर ऑपरेशन कालनेमि ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
साल की शुरुआत 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता लागू करने से हुई, जिससे उत्तराखंड ने देश के अन्य राज्यों को नागरिक कानूनों में समानता कायम करने का रास्ता दिखाने का काम किया। ऐसा करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बन चुका है। उत्तराखंड का नाम खेल पटल पर भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ। उत्तराखंड ने इस साल 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया और 103 मेडल के साथ पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया।
दिसंबर 2023 में देहरादून में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में आए निवेश प्रस्ताव साल 2025 में धरातल पर उतरते नजर आए। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में हुए 3.56 लाख करोड़ रुपए निवेश संबंधित एमओयू में से दिसंबर 2025 तक एक लाख करोड़ रुपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है। वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने मिलेट मिशन, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट खेती योजना के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए। मिलेट्स मिशन के तहत राज्य सरकार ने 2030-31 तक 11 पर्वतीय जिलों के लिए कुल 134.89 करोड़ रुपये की कार्य योजना पर मुहर लगाई।
इसमें मण्डुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी एवं चीना उत्पादक किसानों को बीज एवं जैव उर्वरक पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। कीवी नीति के तहत वर्ष 2030-31 तक राज्य सरकार नौ पर्वतीय जिलों में कीवी उद्यान स्थापना के लिए कुल लागत 12 लाख प्रति एकड़ का 70 प्रतिशत राजसहायता प्रदान करेगी। इससे करीब 17500 किसान लाभान्वित होंगे। इसी तरह ड्रैगन फ्रूट खेती योजना के उधमसिंहनगर, हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, देहरादून, टिहरी में ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन को आधुनिक पद्यति से बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार ने वर्ष 2025 में अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक को लागू कर दिया है। इसके अंतर्गत सभी अल्पसंख्यक समुदायों की ओर से संचालित शिक्षण संस्थानों के लिए एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। उक्त प्राधिकरण अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करेगा, इसके बाद प्रदेश में पंजीकृत सभी मदरसा, उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू करेंगे। धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 10 जुलाई से प्रदेशभर में ऑपरेशन कालनेमि शुरू किया। इसके तहत जहां एक ओर हजारों लोगों का सत्यापन हुआ, वहीं अब तक 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है।
इनकी भी रही चर्चा…
- 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि हुई अतिक्रमण से मुक्त
- राज्य के इतिहास में पहली बार पेश हुआ 1 लाख करोड़ से अधिक का बजट
- शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए अनुग्रह राशि 10 लाख से 50 लाख रुपए की गई
- राज्य के सभी 13 जिलों में 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का हुआ शुभारंभ
- स्कूली पाठ्यचर्या में शामिल होगा श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन
- उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये मेगा इण्डस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति-2025 मंजूर
- देहरादून शहर के लिए रिस्पना, बिन्दाल ऐलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी
- राज्य में उत्तराखंड महक क्रांति 2026-36 का हुआ शुभारंभ
- केन्द्रीय कैबिनेट से मिली सोनप्रयाग – केदारनाथ रोपवे परियोजना को मंजूरी
स्वास्थ्य योद्धाओं ने रचा सेवा का इतिहास…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशन में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था ने वह कर दिखाया, जो अक्सर दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में असंभव माना जाता है। वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 49 स्थायी चिकित्सा इकाइयों को सक्रिय किया गया। केदारनाथ धाम में शुरू हुआ 17 बेड का अस्पताल यात्रा 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग ने जो कार्य किया है, वह केवल प्रशासनिक सफलता नहीं बल्कि मानवीय सेवा की मिसाल है।
