March 9, 2026

हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट

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पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हिजाब हटाने पर चर्चित हुईं डॉक्टर नुसरत परवीन को अब झारखंड सरकार से एक आकर्षक नौकरी का ऑफर मिला है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें 3 लाख रुपये प्रतिमाह की सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है। इस ऑफर के साथ नुसरत को एक सरकारी फ्लैट और पूरी सुरक्षा का आश्वासन भी दिया गया है।
इस बीच नुसरत को बिहार में आज जॉइनिंग के दिन कुछ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिजाब विवाद के बाद नुसरत ने बिहार में जॉइनिंग से मना कर दिया था। लेकिन उनके करीबी दोस्तों का कहना है कि नुसरत इस पूरे मामले से भावनात्मक रूप से आहत हुई थीं लेकिन वह तय समय पर ड्यूटी जॉइन करने के लिए तैयार हैं।

झारखंड सरकार का प्रस्ताव

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान में कोई समझौता नहीं करेगी। बिहार में डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ हुई घटना को लेकर उनकी पार्टी ने कहा कि यह केवल एक महिला का अपमान नहीं बल्कि संविधान और मानवता का उल्लंघन था। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा झारखंड में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और नुसरत परवीन को सम्मान देने के लिए 3 लाख रुपये महीने की नौकरी का प्रस्ताव दिया गया है।

नुसरत का फैसला और विवाद

डॉ. नुसरत परवीन पिछले चार दिनों से पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज में नहीं आईं जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह इस विवाद से मानसिक रूप से आहत हैं। हालाँकि उनके करीबी दोस्त और सहपाठी बिलकिस ने पुष्टि की है कि नुसरत 20 दिसंबर को अपना कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। नुसरत परवीन के हिजाब को लेकर यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक सार्वजनिक समारोह में उनके हिजाब को हटा लिया गया था। यह घटना एक वीडियो क्लिप के जरिए सामने आई जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी। इसके बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाए कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का अपमान किया है।

कॉलेज की स्थिति

पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महफूजुर रहमान ने कहा कि नुसरत परवीन पिछले सात वर्षों से हिजाब पहनकर कॉलेज आ रही थीं और वह एक होशियार और अनुशासित छात्रा थीं। हालांकि इस घटना के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली थी लेकिन अब वह अपने पेशेवर जिम्मेदारियों को फिर से शुरू करने का फैसला कर चुकी हैं। नुसरत परवीन के हिजाब विवाद ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि झारखंड सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मानजनक प्रस्ताव ने इस विवाद को एक नया मोड़ दिया है। अब यह देखना होगा कि नुसरत अपने करियर और व्यक्तिगत निर्णयों में किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।

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