March 8, 2026

Delhi car explosion case: सरकार ने लाल किले के पास कार विस्फोट को माना आतंकी घटना

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Delhi attack- like mumbai

– कहा, आतंकवाद के विरुद्ध भारत की जीरो टालरेंस नीति, उठाए जाएंगे सभी जरूरी कदम
– पीएम की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कार धमाके के दोषियों को सजा देने का संकल्प
– दो मिनट मौन रखकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना

लाल किले के बाहर हुए कार विस्फोट को केंद्र सरकार ने बुधवार को एक आतंकी घटना करार दिया और एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे इस मामले की जांच को अत्यंत तत्परता और पेशेवर तरीके से पूरा करें ताकि अपराधियों, उनके सहयोगियों और उनके प्रायोजकों को बिना किसी देरी के न्याय के कठघरे में लाया जा सके।
भूटान से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली कार धमाके के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही सभी तरह के आतंकवाद एवं आतंकियों के विरुद्ध भारत की जीरो टालरेंस नीति को दोहराया गया और कहा कि सरकार के उच्चतम स्तर पर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कैबिनेट बैठक में इससे निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का संकल्प भी दोहराया गया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर विस्फोट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कार विस्फोट को हिंसा का मूर्खतापूर्ण कृत्य बताते हुए कैबिनेट ने इस नृशंस और कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा की।
यह भी खास रहा कि जहां कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी हिंदी में दी गई, वहीं आतंकी घटना में शामिल लोगों, षड्यंत्रकारियों और उन्हें फंडिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव अंग्रेजी में पढ़ा गया। उन देशों को धन्यवाद भी दिया गया जिन्होंने भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन समेत कई देश शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले ही भूटान की धरती से षड्यंत्रकारियों और दोषियों को संदेश दिया था कि वे बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने भी अंग्रेजी में यह संदेश दिया था जो जाहिर तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए था। आपरेशन सिंदूर से पहले भी उन्होंने अंग्रजी में ही संदेश दिया था। कई देशों की ओर से जिस तरह समर्थन व्यक्त किया गया है, वह भारत के लिए उत्साहवर्धक है।
इस बीच, आतंकियों के तार कई देशों से जुड़ते दिख रहे हैं। खासतौर से फंडिंग सीमा पार से होने की आशंका है। ऐसे में कैबिनेट के प्रस्ताव में फंडिंग करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की बात की गई है, जिस पर सबकी नजरें रहेंगी। कैबिनेट ने जांच एजेंसियों से अपेक्षा की है कि वे जल्द से जल्द रिपोर्ट दें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। ध्यान रहे कि इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एनआइए को देने के बाद ईडी भी फंडिंग की जांच की तैयारी में है। बुधवार को भूटान से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी घायलों से मिलने लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल गए, तो वहां भी उन्हें आश्वासन दिया कि दोषी बचेंगे नहीं। कैबिनेट ने अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों की समय पर और समन्वित प्रतिक्रिया की भी सराहना की, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में साहस और करुणा के साथ काम किया। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के प्रति अपनी स्थायी प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी भारतीयों के जीवन की सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प की भी पुष्टि की।

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