March 9, 2026

# प्रतिभा सूत्र: आज बात उनकी जिनकी प्रतिभा किसी और के लिए थी

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Prithibha sutra

@डॉ.आशीष द्विवेदी की कलम से…

नमस्कार,

आज बात महिला क्रिकेट के कोच अमोल मजूमदार की…

जिनकी प्रतिभा किसी और के लिए थी

विश्वविजयी महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर फाइनल मुकाबला जीतने के बाद किसके चरणों में जा गिरी इस दृश्य पर कम ही लोगों ने गौर किया होगा। वह अनसंग नायक थे – अमोल मजूमदार। महिला क्रिकेट टीम के कोच।

1990 के दशक के घरेलू क्रिकेट के दिग्गजों में शुमार मजूमदार उन कुछ मुंबई खिलाड़ियों में रहे जिन्हें राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की मौजूदगी के कारण कभी टेस्ट क्रिकेट में जगह नहीं मिल सकी।


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एक समय स्कूल क्रिकेट में भी वे पैड बांधकर बैठे रह गए थे, जब सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने शारदाश्रम जीवन में विद्यालय के लिए 664 रन की ऐतिहासिक साझेदारी की थी। लेकिन अब हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली महिला क्रिकेट टीम के ट्रफी पकड़ते ही जैसे उनके दिल के पुराने जख्मों पर मरहम लग गया।


LIFE COACH Dr ASHISH DWIVEDI


मजूमदार भले ही खिलाड़ी के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व न कर पाए हों, लेकिन अब वे विश्व कप जीतने वाले गैरी क‌र्स्टन और राहुल द्रविड़ मुख्य कोचों की विशेष सूची में शामिल हो गए हैं। एक समय की गुमनाम और उपेक्षित रही महिला क्रिकेट टीम को अपनी अप्रतिम मेधा और अनथक संघर्ष से इस गौरवमय मुकाम पर पहुंचा दिया। इतिहास रच दिया।

सूत्र यह है कि जीवन में ईश्वर आपकी भूमिकाएं निर्धारित करते हैं। यदि स्वयं की श्रेष्ठता साबित करने का मंच न मिले तो दूसरों को सर्वश्रेष्ठ बनाने का परमसुख मिल जाता है। मजूमदार की कहानी यहीं सिखाती है कि न कुंठित होएं और न अवसाद में आएं। नियति ने आपके लिए कुछ वैशिष्ट्य निर्धारित कर रखा है। समय अवश्य लग सकता है।

शुभ मंगल

# प्रतिभा सूत्र

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