March 8, 2026

#प्रेरणा सूत्र: वो जिन्होंने अद्भुत, अकल्पनीय, अद्वितीय कर दिखाया

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cricket womens

@डॉ.आशीष द्विवेदी की कलम से…

नमस्कार,

आज बात देश की नारी शक्ति की…

जिन्होंने अद्भुत, अकल्पनीय, अद्वितीय कर दिखाया

दंगल फिल्म का एक संवाद है – म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं क्या? यह सुपरहिट जरुर हुआ किंतु इसमें अनावश्यक ही लैंगिक तुलनात्मकता को दर्शाया गया है। अदृश्य संदेश यह है कि छोरे श्रेष्ठ है हां छोरियां भी उनके आसपास ही हैं। जबकि सबकी अपनी-अपनी श्रेष्ठता है। अपना कौशल, अपना पराक्रम, अपना संघर्ष, अपनी जिद और अपने लक्ष्य। रविवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की रणचंडियों ने जो अवर्णनीय शौर्य दिखाया है उससे संपूर्ण भारतवर्ष गर्व से भरा हुआ है। एक अलग किस्म का स्पंदन, एक पृथक किस्म की अनुभूति,मानो कोई विस्मय घटित हुआ हो।

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मैदान में पसीने से लथपथ इन छोरियों के मुख दीप्ति से आलोकित थे। वे जूझ रहीं थीं, एक- एक रन को बचाने के लिए वे अपनी मातृभूमि की स्नेहिल गोद में लोट-पोट हो रही थीं। जीत को लेकर ऐसी जिजिविषा, ऐसा जज्बा , ऐसा उत्साह, ऐसा समर्पण कहां देखने को मिलता है। इस अत्यंत तनावपूर्ण मुकाबले में भी उनके चेहरे पर तनाव की कोई शिकन न दिखी। दक्षिण अफ्रीका के चौके- छक्के भी लगते रहे किंतु कप्तान हरमनप्रीत कौर अपनी स्निग्ध मुस्कान से गेंदबाज को हौसला देती रहीं। कोई खिसियानापन नहीं, अधीरता नहीं। पुरुष टीम को भी सीखने लायक पाठ।

मैं ग्लानि से भरा था कि अभी तक बामुश्किल दो- चार बार ही महिला क्रिकेट को कभी देखा होगा, वो भी यूं ही चलते- फिरते अंदाज में। किंतु इस बार सेमीफाइनल और फाइनल दोनों आंखें गड़ाए देखा तो जाना कि हम कितना भेद रखते हैं, पुरुषों के मैचों के लिए मर मिटने वाले महिलाओं को आमतौर पर तन्हा ही छोड़ देते हैं। किंतु अब समय परिवर्तित हो रहा है। माफ़ कीजिए रहा है नहीं हो चुका है। जियो स्टार पर बारह करोड़ से ज्यादा मतवाले इस मुकाबले को न सिर्फ देख रहे थे वरन स्वयं को धन्य भी महसूस कर रहे थे। बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को जो बराबरी दी, जो पारितोषिक दिए, जो सुविधाएं दीं वे असर दिखा रही हैं। यदि प्रत्येक क्षेत्र में महिला- पुरुष भेद खत्म हो जाए , प्रोत्साहन और प्रेरणा मिले तो क्या और कितने सुखद परिणाम होंगे आप कल्पना न कर पाएंगे।‌

LIFE COACH Dr ASHISH DWIVEDI

जिस तरह अपने बेटों को सचिन, विराट, रोहित जैसा बनने की प्रेरणा देते हैं वैसे ही अपनी बेटियों को स्मृति मंदाना, हरमनप्रीत कौर, जेमिमा बनने को तो प्रेरित कीजिए तभी महिला क्रिकेट का भविष्य प्रकाशवान होगा।


भारत की विश्व विजेता टीम को कोटि कोटि प्रणाम।

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा।
झंडा ऊंचा रहे हमारा।।

शुभ मंगल

#प्रेरणा सूत्र

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