राष्ट्रविरोधी तत्वों की ‘शरणगाह’ बना अजमेर दरगाह क्षेत्र
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चिंताजनक: गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में 96 करोड़ की प्रस्तावित योजनाओं पर आपत्ति
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दरगाह समिति के अलावा दूसरे अधिकारियों से भी कराई जाए निगरानी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अजमेर दरगाह में विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित 96 करोड़ की रकम जारी करने से पहले जांच की सिफारिश की है। मंत्रालय ने अपनी आंतरिक रिपोर्ट में प्रस्ताव पर आपत्ति करते हुए कहा कि यहां पहले हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। यही नहीं, रिपोर्ट में दरगाह क्षेत्र के राष्ट्र-विरोधी तत्वों के लिए एक सुरक्षित ‘शरणगाह’ बनने पर चिंता जताई है। इसके अनुसार पुलिस ने क्षेत्र से अपराधी, राष्ट्र-विरोधी तत्व और अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े हैं।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने दरगाह में 96 करोड़ रुपए के कामों के प्रस्ताव बनाए थे। वित्त मंत्रालय ने उसे गृह व पर्यटन मंत्रालयों से मशविरा करने को कहा था। इसी के तहत गृह मंत्रालय की आंतरिक रिपोर्ट बनी है। अब इसे वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेजा जाएगा, जो आगे निर्णय लेगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि किसी भी वित्तीय अनुदान को स्वीकृत करने से पहले बताए गए खर्च के अनुमान की गहन जांच होनी चाहिए। यहां फिलहाल चल रहे विकास कार्यों की निगरानी जरूरी है। दरगाह समिति के अधिकारियों के अलावा दूसरे अधिकारियों से भी इन पर निगरानी रखनी चाहिए।
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भगदड़ जैसे हालात का खतरा भी बताया
अजमेर दरगाह में सालाना 80 लाख जायरीन आते हैं, आगरा के ताजमहल से कहीं ज्यादा। रिपोर्ट में आगाह किया गया कि दरगाह में भगदड़ जैसे हालात का खतरा है, खासतौर पर सालाना उर्स के दौरान। इससे जायरीन को बचाने के लिए दरगाह के अंदर व बाहर अतिक्रमण हटाने होंगे। आवाजाही की बाधाएं दूर करते हुए नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था लागू करनी होगी। जायरीन प्रतीक्षा क्षेत्र बनाए जा सकते हैं।जायरीन व सामान जांच व्यवस्था भी प्रभावी बनानी होगी।
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चिंता की वजह: क्षेत्र में पकड़े गए हैं आतंकी व घुसपैठिए
अक्टूबर 2021- दिल्ली से गिरफ्तार पाक आतंकी मोहम्मद अशरफ 15 साल पहले भारत आया था, वह काफी समय अजमेर दरगाह क्षेत्र में छिपा रहा था। भारत में आतंकियों के लिए स्लीपर सेल चलाता था।
जनवरी 2022- बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में घुसे व 12 साल से पहचान छिपाकर दरगाह क्षेत्र में रह रहे दो बांग्लादेशी मो. आलमगीर और शाहीन पुलिस ने पकड़े।
अक्टूबर 2010- 2008 के बेंगलूरू आतंकी बम धमाके और तमिलनाडु में बस जलाने के मामले में लश्कर-ए- तैयबा के आतंकी उमर फारूक और उसके तीन सहयोगियों को अजमेर से एटीएस ने गिरफ्तार किया।
जुलाई 2022– भाजपा नेता रहीं नुपूर शर्मा की हत्या के लिए इनाम की घोषणा करने वाला हिस्ट्रीशीटर सलमान चिश्ती गिरफ्तार किया गया। वह दरगाह में खादिम भी था। इसे लेकर क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया था।
अक्टूबर 2022- दरगाह से जुड़े एक सदस्य के बेटे तौसीफ चिश्ती को पंजाब पुलिस ने दरगाह क्षेत्र में एक कैफे से गिरफ्तार किया। उस पर मोहाली पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड फेंकने वाले खालिस्तानी आतंकियों को शरण देने का आरोप लगा।
सितंबर 2025- दरगाह परिसर में फूल उठाने का काम करने वाला सलीम शेख अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत में घुसने के मामले में गिरफ्तार हुआ। वह और उसके जैसे 55 बांग्लादेशी कुछ माह में क्षेत्र से पकड़े गए।
जुलाई 2022- अजमेर दरगाह का एक खादिम गौहर चिश्ती को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। उस पर भीड़ को मजहब के नाम भड़काने का आरोप था। वह उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य अभियुक्तों मोहम्मद और गौस मोहम्मद से भी मिला था।
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दरगाह क्षेत्र ज्यादा चिंताजनक
रिपोर्ट में दरगाह क्षेत्र के राष्ट्र-विरोधी तत्वों के लिए ‘शरणगाह’ बनने पर चिंता जताते हुए लिखा, कई राज्यों व राष्ट्रों के जायरीन अजमेर दरगाह आते हैं। इनमें से अधिकतर क्षेत्र में बने होटलों में रुकते हैं। पुलिस ने यहां से कई बार अपराधी व राष्ट्र-विरोधी तत्वों को पकड़ा गया है। अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक भी पकड़े गए हैं। उसने यहां तैनात आरएसी कर्मियों को अधिक सतर्क रहने को कहा।
एएसआइ से सलाह लें: रिपोर्ट के अनुसार अजमेर दरगाह शरीफ में कई प्राचीन संरचनाएं हैं। यहां किसी तरह के सुधार व विकास कार्य से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से परामर्श जरूरी है।
दरगाह परिसर में अतिक्रमण, अनधिकृत दुकानों, रास्तों पर अस्थायी निर्माण, भीड़ का उचित प्रबंधन न होने, जांच में कमी आदि से आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कई पक्षों ने यह मुद्दे उठाए हैं। क्या इन्हें लेकर अल्पसंख्यक मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से कोई बात अब तक की?
11 अक्टूबर 2007 को दरगाह में बम विस्फोट हुआ था, उसी समय राजस्थान के मुख्य सचिव ने सुरक्षा पर बैठक की थी। तय हुआ था कि दरगाह के प्रवेश व निकास दरवाजों की सुरक्षा सीआरपीएफ या सीआइएसएफ को सौंपने का निवेदन केंद्र सरकार से किया जाएगा। क्या इस बारे में गृह मंत्रालय से सलाह ली गई?
- क्या पर्यटन मंत्रालय से बात की गई, ताकि प्रस्तावित काम प्रसाद योजना तहत करवा सकें?
दरगाह में अतिक्रमण व जन सुरक्षा पर खतरों की लगातार सूचनाएं मिली हैं, मानसून में परिसर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। यहां मुगल व भारतीय-इस्लामी स्थापत्य के कई प्रतीक भी हैं। यह देखते हुए क्या एएसआइ से इस काम के बारे में बात की गई?
Ajmer Dargah area is particularly concerning: a stampede-like situation is threatened
