भारत-आसियान की है 21वीं सदी, शिखर सम्मेलन में मोदी का ऐलान- थिरक उठे ट्रंप भी
– कुआलालांपुर: हिंद प्रशांत की पहली यात्रा पर पहुंचे ट्रंप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मुख्य स्तंभ बताया है। उन्होंने रविवार को 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते है। हम सिर्फ जियोग्राफी ही शेयर नहीं करते, हम गहरे ऐतिहासिक संबंधों और साझे मूल्यों की डोर से भी जुड़े हुए हैं।
पीएम ने कहा कि इक्कीसवीं सदी हमारी सदी है, भारत और आसियान की सदी है। आसियान कम्युनिटी विजन 2045 और विकसित भारत 2047 का लक्ष्य-पूरी मानवता के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगा। उन्होंने कहा कि हम ग्लोबल साउथ के सहयात्री हैं। हम केवल व्यापारिक नहीं, सांस्कृतिक साझेदार भी हैं। हम 2026 को ’आसियान-इंडिया ईयर ऑफ मैरीटाइम कोऑपरेशन’ घोषित कर रहे हैं।
स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध: ट्रंप
अपने दूसरे कार्यकाल में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की पहली यात्रा पर आसियान शिखर सम्मेलन में शिरकत करने कुआलालांपुर पहुंचे अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी छह दिवसीय यात्रा को ’मैत्री और सद्भावना का मिशन’ बताया, जिसका उद्देश्य वाणिज्य को गहरा करना, सुरक्षा को मजबूत करना और पूरे क्षेत्र में ’स्थिरता, समृद्धि और शांति’ को बढ़ावा देना है। ट्रंप ने दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रति अमरीका की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा, अमरीका आपके साथ है। हमारी प्रतिबद्धता स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए है। यहां कुआलालंपुर में ट्रंप की मौजूदगी में थाईलैंड और कंबोडिया ने सैन्य संघर्ष को खत्म करने के लिए शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, ट्रंप ने मलेशिया और कंबोडिया के साथ व्यापार समझौते भी किए।
