मानसून का एक ट्रफ हिमालय को पार करके चीन में पहुंचा
- हवा का पैटर्न बदलने से बनी हुई है उमस

देवभूमि उत्तराखंड में मानसून अब तकरीबन समाप्ति की ओर है, उसके बावजूद अब तक उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। वैज्ञानिकों ने इसके पीछे हवा के बदले पैटर्न को जिम्मेदार ठहराया है।
मौसम वैज्ञानिकों व भारतीय मौसम विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके सेटेलाइटों के चित्रों के विशेष जानकार एसके शर्मा बताते हैं कि मानसून का जो एक ट्रफ होता है, वह हिमालय को पार करके चीन में पहुंच गया था। इसके चलते वहां से लंबे समय से हवाएं इधर आ रही हैं। जिससे मानसून भी कुछ लंबा खिंच गया है और उमस भरी गर्मी पड़ रही है।

वहीं बीच-बीच में इसकी वजह से चक्रवातों के बनने के कारण भी उमस कम नहीं हो रही है। जबकि अब तक पश्चिमी हवाएं धीरे-धीरे इधर आना शुरू हो जाती थीं, इनमें नमी की मात्रा बहुत कम होती थी। ये हवाएं ही लोगों को उमस के बजाय हल्की ठंड का अहसास होने लगता था।
करीब एक सप्ताह बाद यह हवाएं इधर आनी शुरू हो जाएंगी, और लोगों का उमस भरी गर्मी से छुटकारा मिल पाएगा। इस बार सितंबर में औसत अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। साथ ही अब तक बारिश 265.1 मिमी, रिकाॅर्ड हुई, जो लगभग सामान्य ही है।
