‘स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाएं’
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों को खुला पत्र

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों के नाम खुला पत्र जारी किया। उन्होंने लिखा कि नवरात्रि के शुभारंभ के साथ पूरे देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ भी शुरू हो गया है। इन सुधारों का लाभ सीधे हर वर्ग—किसान, महिलाएं, युवा, गरीब, मध्यमवर्ग, व्यापारी और एमएसएमई—को मिलेगा। अब केवल दो टैक्स स्लैब रहेंगे—5 और 18 प्रतिशत। छोटे उद्योगों और व्यापारियों को व्यापार में आसानी और नए अवसर मिलेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने से देश को कई तरह के कर से मुक्ति मिली थी। अब इस ‘नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म’ से प्रणाली और सरल होगी तथा दुकानदारों और लघु उद्योगों को और सहूलियत मिलेगी। 12 लाख रुपए तक की आय को सरकार पहले ही आयकर के दायरे से बाहर कर चुकी है। अब नए जीएसटी सुधारों के साथ देशवासियों को सालाना लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। पीएम ने जोर दिया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता आवश्यक है और नए जीएसटी सुधार इस अभियान को गति देंगे। मोदी ने कहा कि हमें स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
इधर, ट्रंप का दांव उलटा…
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा एच-1 बी वीजा पर भारी भरकम फीस लगाने के बाद अफरा-तफरी का माहौल है। हालांकि, नए नियम से डॉक्टरों और मेडिकल रेजिडेंट को अलग रखने की तैयारी है। अमरीका जहां विदेशी टैलेंट के लिए अपने दरवाजे बंद कर रहा है, तो दूसरी तरफ ब्रिटेन, चीन, यूरोप ने दरवाजे खोलने का फैसला कर लिया है। ट्रंप के फैसले का तोड़ निकालते हुए चीन ने वीजा कैटेगरी में ‘के वीजा’ को शामिल करने का फैसला किया है। चीन दुनिया भर के युवा वैज्ञानिकों और तकनीकी से जुड़े प्रोफेशनल्स को बुलाने की तैयारी में है। ब्रिटेन ने भी कहा है कि ग्लोबल टैलेंट को आकर्षित करने के लिए वीजा फीस में कुछ कटौती करने की योजना है। यूरोप के अन्य देश भी इसी राह पर हैं।
