MP: ग्वालियर एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के विमान में लैंडिंग के दौरान झटका, बड़ा हादसा होने से बचा
ग्वालियर। बेंगलुरु से ग्वालियर (Bangalore to Gwalior) आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट (Air India Flight) बोइंग 474 लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त होते होते बच गई। यह फ्लाइट दो बजे ग्वालियर एयरपोर्ट (Gwalior Airport) पर लैंड होती है। फ्लाइट में बैठे यात्रियों के अनुसार जिस समय यह लैंड हुई उस समय तकनीकी खराबी के चलते पूरी तरह लड़खड़ा गई। वह एक तरफ को झुक गई। इससे सभी यात्री घबरा गए। प्लेन को फिर से उड़ाया गया और कुछ समय बाद वापस लैंड किया गया। इस दौरान यात्रियों की जान संकट में बनी रही।
बेंगलुरु से ग्वालियर के लिए एअर इंडिया की बोइंग फ्लाइट दो बजे ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंड होती है। शनिवार को लैंडिंग के समय प्लेन में कोई तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी वजह से प्लेन का बैलेंस बिगड़ गया और वह लड़खड़ाने लगा। प्लेन में बैठे यात्रियों ने बताया कि इतनी तेजी से हलचल हुई के सभी यात्री घबरा गए। प्लेन को फिर से टेकऑफ किया गया और कुछ समय बाद लैंडिंग की गई। इस बार भी लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित नहीं थी। उस समय भी प्लेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी।
बोइंग 474 के एफएटीएफ सीट पर बैठे यात्री डॉक्टर केएम ओझा ने बताया कि आज कृष्ण जन्माष्टमी है। भगवान की कृपा से ही वह बच गए क्योंकि पायलट ने खतरनाक लैंडिंग की। जिस समय प्लेन जमीन से टकराया उसकी स्पीड बहुत तेज थी। प्लेन हादसे का शिकार होते होते बच गया। प्लेन को फिर से टेकऑफ करने के बाद जब दोबारा से लैंड किया गया तो उस समय भी प्लेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी। उनका रिटर्न टिकट भी इसी प्लेन से है, लेकिन अब वह उसे कैंसिल कराएंगे।
प्लेन के एक और यात्री आशुतोष कुलश्रेष्ठ ने बताया कि प्लेन में 150 यात्री सवार थे। प्लेन जमीन पर टच होते ही जोर से लड़खड़ाने लगा। झटका इतना जोर से था कि अंदर बैठे यात्रियों में चीख पुकार मच गई। सभी घबराने लगे। जब प्लेन को दूसरी बार लैंड कराया गया और हम लोग प्लेन से उतरकर एयरपोर्ट पर आ गए तब हमारी जान में जान आई। जब हमने अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो हमें एयरपोर्ट की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला।
तमाम यात्री काफी समय तक प्लेन में तकनीकी शिकायत होने की और अनसेफ लैंडिंग होने की बात वहां उपस्थित जिम्मेदार लोगों को बताते रहे। उसके बाद किसी गोस्वामी साहब ने शिकायत ली है। उन्होंने शिकायत एअर इंडिया तक पहुंचाने की बात कही है।
