पुतिन से मुलाकात के पहले ट्रप ने रखी ये शर्त, बोले- जब तक जेलेंस्की से नहीं मिल लेते…
वाशिंगटन। जनवरी महीने में दूसरी बार सत्ता में लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) यूक्रेन-रूस युद्ध (Ukraine–Russia War) रुकवाने के प्रयास में लगे हैं। सात महीने में कम से कम सात बार दोनों देशों से वार्ता कर चुके हैं, रूस (Russia) को टैरिफ लगाने की धमकी तक दे चुके हैं। रूस (Russia) को दी अमेरिका (America) की मोहलत 8 अगस्त को खत्म हो रही है। क्रेमलिन ने दावा किया है कि ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) में मुलाकात होने वाली है। इस बीच खबर है कि ट्रंप ने पुतिन के सामने शर्त रखी है कि वे तभी मुलाकात को राजी होंगे, जब तक पुतिन यूक्रेन प्रेजिडेंट वोलोदोमिर जेलेंस्की से नहीं मिल लेते।
न्यूयॉर्क पोस्ट ने वाइट हाउस के अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे पुतिन से तभी मिलेंगे, जब पुतिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। अधिकारी ने बताया, “जब तक पुतिन ज़ेलेंस्की से नहीं मिलते, ट्रंप-पुतिन बैठक नहीं होगी।” अभी तक इस संभावित बैठक का स्थान तय नहीं किया गया है।
ट्रंप-पुतिन मुलाकात पर रूस का बयान
गुरुवार को रूस की ओर से यह दावा किया गया कि अमेरिका और रूस ट्रंप-पुतिन शिखर वार्ता पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जरूर कहा था कि वे अमेरिका, रूस और यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्षों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता को लेकर विचार कर रहे हैं। यहां यह गौर करने वाली बात है कि ट्रंप ने रूस को 8 अगस्त तक शांति वार्ता की मोहलत दी है, वरना वो रूस पर भारी-भरकर टैरिफ लगाएंगे।
ट्रंप को किस बात की चिंता
ट्रंप ने इस बात पर चिंता जताई है कि पुतिन अक्सर शांति की बात करते हैं, लेकिन इसके बाद यूक्रेन पर बमबारी शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा, “वो मीठा बोलते हैं और फिर शहर में बमबारी कर देते हैं।” राष्ट्रपति ट्रंप को अब शक है कि कहीं पुतिन सिर्फ बातों में उन्हें उलझाकर समय तो नहीं बर्बाद कर रहे। इसलिए वे ज़ेलेंस्की को बातचीत में शामिल करना चाहते हैं, जिससे कोई ठोस समाधान निकल सके।
क्या ट्रंप-पुतिन वार्ता में जेलेंस्की भी शामिल होंगे?
अगर यह त्रिपक्षीय बैठक होती है, तो यह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। रूस के 2022 में पूर्ण हमले के बाद से अब तक कोई भी वैश्विक नेता, यहां तक कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन भी, पुतिन और ज़ेलेंस्की को एक ही कमरे में लाने में सफल नहीं हो सके हैं।
