March 9, 2026

Uttarakhand: नदियों के बढ़ते जलस्तर ने डराया, चारधाम यात्रा प्रभावित

0
यमुनोत्री हाईवे

– यमुनोत्री हाईवे दूसरे दिन भी नहीं खुला

उत्तराखंड में भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। यमुनोत्री हाईवे पर दूसरे दिन भी आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। हाईवे पर स्याना चट्टी के पास दोनों ओर मलबा बोल्डर आने सड़क धंसने से आवाजाही बंद हैं। ईई मनोज रावत ने कहा कि दोनों जगहों पर हाईवे बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं।

केदारघाटी में रविवार देर रात्रि से सोमवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश होने से केदारनाथ यात्रा छह घंटे रोकी गई। इस दौरान यात्रियों को सोनप्रयाग में रोका गया। पूर्वाह्न 11 बजे से यात्रा शुरू हुई और 4 हजार यात्रियों को धाम के लिए रवाना किया गया। शाम पांच बजे दोबारा यात्रा रोक दी गई।
रविवार देर रात से केदारघाटी सहित जनपद में बारिश शुरू हो गई थी, जो सोमवार सुबह दस बजे तक होती रही। इस दौरान रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे मुनकटिया में बाधित हो गया था। साथ ही गौरीकुंड के समीप पैदल मार्ग भी अति संवेदनशील बना रहा, जिससे प्रशासन ने यात्रा रोकने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने सोनप्रयाग में 4 हजार से अधिक श्रद्धालु को सुरक्षा की दृष्टि से रोक दिया। कोई यात्री आगे नहीं जा सके, इसलिए बाजार में बैरियर भी लगा दिया गया था।

यात्रियों को रास्ता पार कराया
बारिश की तेज फुआरों के बीच यात्री केदारनाथ जाने का इंतजार करते रहे। सुबह 10 बजे बाद मौसम में सुधार होने पर एनएच द्वारा प्राथमिकता से गौरीकुंड हाईवे पर मुनकटिया में पहाड़ी से गिरे बोल्डर और मलबा को जेसीबी से साफ कराया और शटल सेवा के माध्यम से पूर्वान्ह 11 बजे यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों द्वारा सोनप्रयाग और गौरीकुंड में जवानों को सुरक्षा के दायरे में रास्ता पार कराया गया। साथ ही पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली में भी कई जगहों पर यात्रियों को रास्ता पार कराया गया।

सोनप्रयाग में तैनात कोतवाली प्रभारी राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि सोनप्रयाग से चार हजार यात्री धाम के लिए रवाना किए गए। मौसम खराब होने पर शाम पांच बजे यात्रा दोबारा बंद कर दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा का संचालन किया जा रहा है।

 

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *