हिमाचल में भारी बारिश का कहर, 401 सड़कें बंद, भूस्खलन से नवविवाहित जोड़े की मौत
शिमला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में बारिश का कहर जारी है। भारी बारिश (Heavy rain.) के कारण भूस्खलन (Landslide) होने से नवविवाहित जोड़े की मौत हो गई। राज्य की 401 सड़कें बंद (401 roads closed) हैं। कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। राज्य मौसम विभाग ने सोमवार को शिमला, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और मंडी सहित राज्य के 12 जिलों में से 5 में भारी से बेहद भारी बारिश का ‘रेड’ अलर्ट जारी किया था।
चंबा जिले में भारी बारिश के कारण सोमवार तड़के सुतांह गांव में एक घर पर एक बड़ा पत्थर गिर गया, जिससे सनी और पल्लू की मौत हो गई। दोनों की हाल ही में शादी हुई थी। एक अन्य घटना में मंडी जिले के सुंदरनगर के पास जरोल खड्ड में साल का एक युवक फिसलकर डूब गया। उसका शव नाले से दो किलोमीटर नीचे बरामद किया गया। सुंदरनगर के एसडीएम अमर नेगी ने बताया कि मृतक की पहचान स्थानीय निवासी राहुल के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि कांगड़ा जिले में ढांगू के पास चक्की नदी पर पठानकोट से होकर गुजरने वाली दिल्ली-जम्मू रेल लाइन पर बने एक रेलवे पुल की दीवार बारिश के कारण ढह गई।
अधिकारियों ने सोमवार सुबह घोषणा की थी कि भारी बारिश के बाद भूस्खलन और सड़कें बंद होने के कारण राज्य के चार जिलों के कई उपखंडों में स्कूल बंद रहेंगे। शिमला जिले के ठियोग, रोहड़ू, जुब्बल, चौपाल और कुमारसैन, मंडी जिले के थुनाग और करसोग, कुल्लू जिले के आनी और सिरमौर जिले के शिलाई में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 401 प्रभावित सड़कों में से सबसे ज्यादा 242 सड़कें आपदा प्रभावित मंडी जिले में हैं, जबकि 682 बिजली के ट्रांसफार्मर और 151 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सिरमौर जिले में शिल्लिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 707 (हाटकोटी से पांवटा साहिब) बंद है। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग 4-मील और 9-मील के पास बंद है, क्योंकि सड़क पर मलबा गिरना जारी है। पठानकोट-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद है।
रनंग नाले में बाढ़ और मलबे के कारण तापीर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 5 (इंडिया-तिब्बत मार्ग) भी बंद हो गया है। मार्ग के मरम्मत का काम चल रहा है। शिमला, मंडी, चंबा और सिरमौर से भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने से संपर्क मार्ग अवरुद्ध होने की खबरें आई हैं। रविवार रात से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा 147.4 मिमी, नगरोटा सूरियां (127.4 मिमी), चुवारी (118.3 मिमी), मंडी (112.4 मिमी), जोगिंदरनगर (100 मिमी), नाहन (95.7 मिमी) और पंडोह में 86 मिमी बारिश हुई।
विभाग ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीज़न में 36 बार अचानक बाढ़, 23 बार बादल फटने और 24 बार भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे लगभग 1,246 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उपायुक्तों से सतर्क रहने और मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने को कहा है।
