UP में मूसलाधार बारिश से कई हिस्सों में बाढ़ के हालात, बुन्देलखंड में उफान पर नदियां
कानपुर। पूर्वी यूपी (Eastern U.P.) के कई जिलों (Several districts) में तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश (Torrential rain) ने बुन्देलखंड (Bundelkhand) में कहर बरपा रखा है। यमुना, केन-बेतवा और चंबल समेत कई सहायक नदियां (Rivers Overflowing) उफना गई हैं। 50 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। गांवों से पलायन की स्थिति बन गई है। झांसी में सिजार डैम क्षमता से अधिक भर गया है। दोनों गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। करीब 30 गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। यातायात पूरी से ठप है। हमीरपुर में चंद्रावल नदी कहर बरपा रही है। करीब 20 गांवों से संपर्क कट गया है।
तीन गांवों में पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। यमुना पुल 48 घंटे के लिए बंद होने से स्थिति और भी विकराल हो गई है। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आने-जाने वालों को भारी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं। महोबा के लगभग सभी बांध उफान पर हैं। शनिवार को जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने उर्मिल बांध का निरीक्षण करते हुए बाढ़ के हालातों का जायजा लिया है। बांदा में केन-बेतवा के साथ यमुना का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों को अलर्ट किया गया है। पैलानी क्षेत्र में केन का पानी गांवों में घुस गया। करीब 25 गांव इससे प्रभावित हुए। 10 गांवों से पलायन की स्थिति बन गई है। चार रपटे पानी में डूबने से आवागमन पूरी तरह से ठप है।
चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ीं गंगा, सहायक नदियां भी उफना गईं
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं। वरुणा, गोमती और नाद नदी में पानी बढ़ने से इनके तटवर्ती इलाके के गांव और मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। उधर केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा में 24 घंटे और वृद्धि हुई तो वह राजघाट गेज पर चेतावनी बिंदु पार कर जाएगी। गंगा में एक सेमी प्रतिघंटे की वृद्धि जारी थी।
शैलपुत्री मार्ग पर चढ़ा पानी
गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा का प्रसार तेजी से आबादी की ओर हो रहा है। शनिवार को सरैया में वरुणा नदी का पानी शैलपुत्री मार्ग पर चढ़ गया है। इससे तीन सौ से ज्यादा घर प्रभावित हो गए हैं।
लोहता क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुसा
वरुणा का पानी अब तटवर्तीय गांवों घुसने लगा है। पानी भरथरा (मथुरापुरा), बेदौली, छितौनी, कोरौत, वीर सिंह पुर आदि गांवो के तराई क्षेत्रों में फैलने लगा है। इससे मक्का, मूंग, उर्द, बाजरा, अरहर, साग सब्जियां डूब गई हैं।
गोमती,नाद नदी के तटवर्ती इलाके में भी खौफ
चौबेपुर क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाकों के बसे गांवों गौराउपरवार, मुरीदपुर, सरसौल, चंद्रावती, ढकवा, कैथी, राजवाड़ी, लक्ष्मीसेनपुर, टेकुरी, धौरहरा, सरैया, पिपरी, शिवदशा, समेत कई गांवों में बाढ़ का भय सताने लगा है। गांव पानी से घिर गए हैं। धौरहरा से पिपरी गांव जाने वाले पुल पर बाढ़ का पानी आ गया है।
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