March 8, 2026

ट्रंप का टैरिफ पर बड़ा बयान, बोले – व्यापार डेडलाइन बढ़ाने की जरूरत नहीं, भारत संग जल्द होगी ट्रेड डील…

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वाशिंगटन। दुनियाभर के देशों को रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) के साथ झटका देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने रविवार को बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने संकेत दिया है कि जल्द ही भारत (India) समेत कई देशों से ट्रेड डील (Trade deal) जल्द संभव है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें 9 जुलाई की व्यापार डेडलाइन को बढ़ाने की जरूरत नहीं महसूस हो रही है। यह डेडलाइन उन देशों के लिए तय की गई है जो अमेरिका के साथ नए व्यापार समझौते करना चाहते हैं ताकि अधिक टैरिफ से बचा जा सके। उन्होंने भारत संग ट्रेड डील पर भी कहा कि यह बहुत जल्दी हो सकता है।

एक कार्यक्रम Sunday Morning Futures में इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मुझे डेडलाइन बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा, “अगर चाहें तो बढ़ा सकते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है।”

सभी देश 25 प्रतिशत ही टैरिफ देंगे
ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि सरकार डेडलाइन के साथ “जो चाहे वो कर सकती है”, चाहे उसे छोटा करना हो या बड़ा। एक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “मैं तो चाहूंगा कि इसे छोटा कर दिया जाए और सभी को पत्र भेज दिया जाए – ‘बधाई हो, अब आप 25% टैरिफ देंगे।’”

भारत से डील के करीब होने के संकेत
ट्रंप ने विशेष रूप से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि यह उन देशों में शामिल है जिनके साथ व्यापार समझौता जल्द फाइनल हो सकता है। पिछले हफ्ते भारतीय व्यापार प्रतिनिधियों की एक टीम वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात कर चुकी है।

कुछ डील समय पर नहीं होंगी पूरी
वहीं ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट ने शुक्रवार को कहा कि “कुछ देश बहुत अच्छे प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं,” लेकिन संभव है कि सभी डील 9 जुलाई तक पूरी न हो पाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि 18 में से 10-12 प्रमुख साझेदारों से डील हो गई तो लेबर डे (सितंबर) तक पूरी व्यापार प्रक्रिया पूरी हो सकती है।

चीन और UK से अधूरी डीलें पर चिंता
ट्रंप प्रशासन की कुछ डील्स पहले ही सवालों के घेरे में हैं। यूके के साथ हुआ समझौता अब भी कुछ अहम बिंदुओं पर अधूरा है, जबकि चीन से हुए हालिया समझौते में फेंटानिल तस्करी और अमेरिकी निर्यातकों की चीनी बाजार तक पहुंच को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है।

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