सीएम धामी के अधिकारियों को सख्त निर्देश- कहा: भ्रष्टाचार में किसी भी स्तर का अधिकारी यदि दोषी पाया गया, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी
– बोले,अब भ्रष्टाचार नहीं, जवाबदेही तय होगी

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार लगाकर, चौपाल लगाकर धरातल पर कार्य करने की आवश्यकता है। ताकि अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो। यह बातें सीएम धामी ने शुक्रवार को नैनीताल में कुमाऊं मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहीं। यहां उन्होंने मंडल में केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा गतिमान योजनाओं पर चर्चा की।
साथ ही अधिकारियो को निर्देंश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराए जायें। साथ ही मानकों के अनुरूप कार्य न होने या अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएम ने यह भी कहा कि राज्य में विजिलेंस व्यवस्था को और सशक्त एवं सक्रिय बनाया जा रहा है। ऐसे में अब सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे और निर्णायक हस्तक्षेप करेगी। किसी भी स्तर का अधिकारी यदि दोषी पाया गया, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। हालांकि, उसे निष्पक्ष सुनवाई और स्पष्टीकरण का अवसर भी दिया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को नियमित जनसुनवाई करने, समाधान आधारित कार्यशैली अपनाने और कैंपों के माध्यम से जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तत्काल समाधान कर ने के लिए निर्देशित किया किया।
उन्होंने कहा माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनपद में चल रहे कार्यों में अपना योगदान करें। भ्रष्टाचार को समाप्त करना ही हमारा संकल्प है और इसके लिए 1064 नंबर चलाया गया है। मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को कहा कि वह 10 से 1:00 बजे तक अपने कार्यालय में बैठने का शेड्यूल बनाएं ताकि दूर से आने वाले लोग उनसे मिल पाए और अपनी बात रख पाएं।
नैनीताल में कुमाऊं मंडल स्तरीय अधिकारियों एवं सम्मानित जनप्रतिनिधियों के साथ देर रात तक चली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए गए कि जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनता की समस्याओं के समाधान हेतु जनता दरबार और चौपालों के माध्यम से सीधे संवाद… pic.twitter.com/Yq7hr2tSyA
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 6, 2025
सीएम ने कहा कि जनता के सपनों को साकार करना ही हमारी प्राथमिकता है। उत्तराखंड पहले ही कई क्षेत्रों में देशभर में अग्रणी बन चुका है और अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश शीर्ष स्थान पर पहुंचे।
बैठक के बीच सीएम धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। यहीं उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा शिकायत करने पर काशीपुर में अधीक्षण अभियंता शिवम द्विवेदी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
बैठक में जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पुनर्वास पैकेज को स्वीकृति दी जा चुकी है और मास्टर प्लानिंग पूर्ण हो चुकी है। यह परियोजना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इसके अलावा उन्होंने सूखा ताल के पुनर्जीवन प्रयासों को और गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि यह कार्य नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पेयजल विभाग द्वारा किया जा रहा है और 2916.00 लाख रुपए की लागत से जनपद नैनीताल में सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यकरण का कार्य गतिमान है।
वहीं कैंची धाम क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए सीएम ने वहां सभी आवश्यक सुविधाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा 2815.68 लाख की लागत से मानसखंड मंदिर माला के अंतर्गत श्री कैंची धाम में सौंदर्यिकरण और प्रकाशीकरण का कार्य प्रगति पर है।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए मास्टर प्लान पर प्रगति की जानकारी देने के अलावा उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का बजट दोगुना किया गया है। और कहा कि सीमा क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस बैठक में कुमाऊं मंडल के छह जनपद (नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत एवं ऊधमसिंहनगर) के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की हमारी नीति का ही परिणाम है कि अब तक 200 से अधिक लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। pic.twitter.com/HFcfZkzpsB
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 6, 2025
