March 10, 2026

Uttarakhand: 58 किलो गांजा एंबुलेंस से बरामद

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  • पुलिस ने नशामुक्ति अभियान के तहत दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

Uttarakhand Police: उत्तराखंड के रामनगर में पुलिस ने नशामुक्ति अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की हैपुलिस ने अवैध गांजे की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एंबुलेंस का पर्दाफाश करते हुए 58 किलो 16 ग्राम गांजे के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रामनगर के पर्यवेक्षण में की गई

घटना आज, गुरूवार सुबह करीब 7:30 बजे की है रामनगर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त टीम सीतावनी रोड पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी इस दौरान पाठकोट रोड से एक सफेद रंग की मारुति ईको एंबुलेंस (नंबर UP 21 BN 0419) आती हुई दिखाई दी पुलिस ने एंबुलेंस को रुकने का इशारा किया जैसे ही एंबुलेंस पुलिस टीम के पास पहुंची, उसमें सवार दो लोग दरवाजा खोलकर भागने का प्रयास करने लगे पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया जब एंबुलेंस की तलाशी ली गई, तो उसमें से पांच कट्टों में कुल 58 किलो 16 ग्राम गांजा बरामद हुआ

आपको बताते चलें कि, ड्रग या शराब तस्कर कानून और पुलिस को चकमा देने के लिए एक से एक हैरतअंगेज जुगाड़ तलाश लेते हैं। ऐसे में अब तस्करों ने उत्तराखंड में ड्रग या शराब तस्करों ने जो जुगाड़ तलाशा है। उसे सुनकर हर कोई हैरत में है। दरअसल अब ये तस्कर इसके लिए एंबूलेंस का प्रयोग करते हैं, जो पुलिस के सामने से भी आसानी से हाॅर्न देती हुई तेजी से निकल जाती है।

पहले पकडी जा चुकी है शराब

अप्रैल 2023 में देहरादून पुलिस ने आधी रात के अंधेरे में सांय-सांय हॉर्न बजाती हुई एंबूलेंस को रोक लिया पूछताछ करने पर एंबुलेंस चालक ने बताया कि महिला मरीज की हालत गंभीर है उसे जल्दी से अस्पताल पहुंचाना है. ड्राइवर और पुलिस वालों की इस चंद सेकेंड की बातचीत के दौरान एंबुलेंस के पिछले हिस्से में स्ट्रेचर पर लेटी महिला मरीज के तीमारदार सकपका गए महिला मरीज के तीमारदारों की संदिग्ध हरकत को पुलिस ने ताड़ लियालिहाजा पुलिस ने न चाहते हुए भी कि एंबुलेंस में महिला मरीज है एक बार एंबुलेंस के भीतर झांककर देख लेना ही उचित समझा, इस दौरान महिला को एंबुलेंस के भीतर मौजूद स्ट्रेचर से बाहर निकाल कर लाने में पसीना आ गया क्योंकि मरीज बनकर एंबुलेंस के अंदर स्ट्रेचर पर बेसुध सी हालत में पड़ी कराहती महिला पुलिस वालों के कहने पर किसी भी कीमत पर एंबुलेंस से बाहर निकलने को राजी नहीं थी पुलिस ने इस तमाम कसरत के बाद एंबुलेंस से महिला को बाहर निकाला जिस स्थान पर महिला को मरीज बनाकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया था वहां से पुलिस ने कई पेटी शराब बरामद की

दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट का मामला दर्ज किया गया है

वहीं आज आरोपियों ने गांजे की तस्करी के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल कर पुलिस की नजरों से बचने की योजना बनाई थी एंबुलेंस की वजह से वाहन को सामान्य तौर पर बिना रोके निकलने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन, पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों के इस मंसूबे को नाकाम कर दिया पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) निवासी रणधीर सिंह (40) और अरुण कुमार (28) के रूप में हुई है रणधीर सिंह काजीपुरा इलाके का रहने वाला है, जबकि अरुण कुमार भगतपुर थाना क्षेत्र के सत्तीखेड़ा गांव का निवासी है पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/60 के तहत मामला दर्ज कर लिया है इसके साथ ही गांजे की खेप ले जा रही एंबुलेंस को भी जब्त कर लिया गया है पुलिस ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था

उत्तराखंड पुलिस को नशामुक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है
यह मामला उत्तराखंड पुलिस के नशामुक्ति अभियान के तहत एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है पुलिस ने बताया कि गांजा तस्करी के लिए एंबुलेंस जैसी वाहन का उपयोग करना नशे के व्यापार में लिप्त गिरोहों की नई रणनीति को उजागर करता है पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच कर रही है गांजा तस्करी के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि तस्कर अब पुलिस को चकमा देने के लिए नित नए तरीके अपनाने लगे हैं लेकिन पुलिस की सतर्कता और उनकी लगातार चल रही जांच की वजह से ऐसी साजिशें कामयाब नहीं हो पा रही हैं

पुलिस ने इस मामले को लेकर कहा कि तस्करी के लिए इस्तेमाल किया गया यह तरीका बेहद गंभीर है और यह दिखाता है कि नशे का अवैध कारोबार अब किन ऊंचाइयों तक पहुंच गया है पुलिस ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी लंबे समय से तस्करी में लिप्त हो सकते हैं इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए जांच जारी है

नशामुक्त समाज बनाने बेहद जरूरी
उत्तराखंड पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर उन्हें नशे से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें नशामुक्त समाज बनाने के लिए जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है रामनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करों के मंसूबों पर बड़ा झटका है, बल्कि यह उत्तराखंड में चल रहे नशामुक्ति अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है पुलिस की इस सफलता को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना की है

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